यात्रा एक ऐसा शब्द है जिसका नाम आते ही एक जगह से दूसरी जगह जाने का एहसास होता है, परन्तु यदि गहराई से सोचा जाए तो हर प्राणी अपनी यात्रा पर है, या यूँ कहा जाए की यात्रा एक प्राणी के जीवन का शाश्वत सत्य है जो कभी रुकता नहीं निरन्तर चलता रहता है, प्राणी के जन्म से लेकर मृत्यु तक की यात्रा लौकिक जीवन की एक पूर्ण यात्रा मानी जाती है। मेरे इस ब्लॉग में मेरे द्वारा की गयी छोटी - छोटी यात्राओं एवं मेरे द्वारा लिखी गई कहानियाँ के संग्रह का प्रयास है www.youtube.com/@Bharatwithhari
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“दूर कहीं उजाला”
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“पंद्रह साल बाद… अधूरी मोहब्बत की नई सुबह” पंद्रह साल बाद मुंबई एयरपोर्ट पर हुई एक मुलाक़ात ने दो पुराने दोस्तों—विनय और नेहा—की अधूरी मोहब...
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जीवन में कभी-कभी ऐसी मुलाक़ातें होती हैं, जो पल भर के लिए ही सही, लेकिन दिल पर अमिट छाप छोड़ जाती हैं। यह कहानी है अरुण और अनु की – एक ट्र...